Parle Products Success Story: Parle-G का इतिहास, कमाई, मालिक और पूरी जानकारी (2026)
मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच ईरान और इजराइल के बीच युद्ध जैसी स्थिति ने वैश्विक बाजारों को हिला कर रख दिया है। इसका सीधा असर भारत समेत दुनिया के कई बड़े शेयर बाजारों पर देखने को मिला। भारतीय शेयर बाजार में भारी गिरावट के कारण निवेशकों के करीब 39 लाख करोड़ रुपये डूब गए।
कारोबार के दौरान Nifty 50 और BSE Sensex दोनों में तेज गिरावट दर्ज की गई। निवेशकों में डर का माहौल बनने से बड़े पैमाने पर बिकवाली हुई, जिससे कई बड़ी कंपनियों के शेयर भी लाल निशान में बंद हुए।
वहीं इसका असर अमेरिका के बाजारों पर भी पड़ा। Dow Jones Industrial Average और Nasdaq Composite में भी भारी गिरावट देखने को मिली। विशेषज्ञों का मानना है कि मिडिल ईस्ट में तनाव बढ़ने से कच्चे तेल की कीमतों और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर दबाव बढ़ सकता है।
विश्लेषकों के अनुसार अगर ईरान-इजराइल के बीच तनाव जल्द कम नहीं हुआ तो दुनिया भर के शेयर बाजारों में और ज्यादा उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। निवेशकों को फिलहाल सावधानी से निवेश करने की सलाह दी जा रही
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