Parle Products Success Story: Parle-G का इतिहास, कमाई, मालिक और पूरी जानकारी (2026)

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भारत में अगर किसी एक बिस्किट का नाम सबसे ज्यादा लिया जाता है, तो वह है Parle-G। यह सिर्फ एक बिस्किट नहीं बल्कि हर भारतीय की यादों का हिस्सा है। छोटे बच्चे, बड़े लोग, गांव हो या शहर — हर ज गह Parle का नाम चलता है। Parle Products आज भारत की सबसे बड़ी FMCG कंपनियों में से एक है, जिसने सस्ती कीमत में बेहतरीन क्वालिटी देकर करोड़ों लोगों का दिल जीता है। --- 🔰 कंपनी का परिचय Parle Products एक भारतीय कंपनी है, जिसकी शुरुआत आज से लगभग 90 साल पहले हुई थी। यह कंपनी मुख्य रूप से बिस्किट, टॉफी और स्नैक्स बनाती है। Parle का सबसे प्रसिद्ध प्रोडक्ट है Parle-G, जो दुनिया का सबसे ज्यादा बिकने वाला बिस्किट माना जाता है। --- 📜 इतिहास – शुरुआत से सफलता तक Parle की स्थापना 1929 में मुंबई के विले पार्ले इलाके में हुई थी। इसके संस्थापक थे मोहनलाल दयाल चौहान। उस समय भारत में ज्यादातर बिस्किट विदेशी कंपनियों के होते थे, और आम लोगों के लिए महंगे थे। 1939 में Parle ने अपना पहला ग्लूकोज बिस्किट लॉन्च किया, जिसे बाद में Parle-G नाम दिया गया। धीरे-धीरे यह बिस्किट हर घर में पहुंच गया और लोगों का भरोसा जीत लिया। ---...

ब्रेकिंग न्यूज़: क्या थमेगा युद्ध? पुतिन ने ईरान के राष्ट्रपति से की बात

 ब्रेकिंग न्यूज़: क्या थमेगा युद्ध? पुतिन ने ईरान के राष्ट्रपति से की बात


📰 बड़ी खबर

मिडिल-ईस्ट में चल रहे संघर्ष के बीच रूस के राष्ट्रपति Vladimir Putin ने ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian से फोन पर बातचीत की है। इस बातचीत के बाद दुनिया भर में यह सवाल उठ रहा है कि क्या अब यह युद्ध रुक सकता है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक पुतिन ने ईरान के राष्ट्रपति से कहा कि इस संघर्ष को जल्द से जल्द राजनयिक बातचीत के जरिए खत्म किया जाना चाहिए और सैन्य कार्रवाई रोकनी चाहिए। �

AL-Monitor +1

📞 बातचीत में क्या हुआ

क्रेमलिन के अनुसार:

पुतिन ने ईरान में हुए हमलों और नागरिकों की मौत पर संवेदना जताई।

उन्होंने कहा कि मिडिल-ईस्ट में शांति के लिए तुरंत युद्धविराम (Ceasefire) जरूरी है।

रूस ने संकेत दिया कि वह इस संकट को सुलझाने में मध्यस्थ (Mediator) की भूमिका निभा सकता है। �

The Economic Times +1

🌍 दुनिया की चिंता

विशेषज्ञों का कहना है कि अगर यह युद्ध लंबा चला तो:

तेल सप्लाई पर बड़ा असर पड़ सकता है

वैश्विक अर्थव्यवस्था प्रभावित हो सकती है

मिडिल-ईस्ट में बड़ा क्षेत्रीय युद्ध भी शुरू हो सकता है।

रूस ने चेतावनी दी है कि अगर तनाव और बढ़ा तो हॉर्मुज जलडमरूमध्य से तेल आपूर्ति भी रुक सकती है, जिससे दुनिया में ऊर्जा संकट पैदा हो सकता है। �

The Times of India

📊 क्या सच में रुक सकती है जंग?

विशेषज्ञों के अनुसार पुतिन की बातचीत से

शांति वार्ता शुरू होने की संभावना बढ़ सकती है

लेकिन अभी युद्ध पूरी तरह रुकने की गारंटी नहीं है।

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