Parle Products Success Story: Parle-G का इतिहास, कमाई, मालिक और पूरी जानकारी (2026)

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भारत में अगर किसी एक बिस्किट का नाम सबसे ज्यादा लिया जाता है, तो वह है Parle-G। यह सिर्फ एक बिस्किट नहीं बल्कि हर भारतीय की यादों का हिस्सा है। छोटे बच्चे, बड़े लोग, गांव हो या शहर — हर ज गह Parle का नाम चलता है। Parle Products आज भारत की सबसे बड़ी FMCG कंपनियों में से एक है, जिसने सस्ती कीमत में बेहतरीन क्वालिटी देकर करोड़ों लोगों का दिल जीता है। --- 🔰 कंपनी का परिचय Parle Products एक भारतीय कंपनी है, जिसकी शुरुआत आज से लगभग 90 साल पहले हुई थी। यह कंपनी मुख्य रूप से बिस्किट, टॉफी और स्नैक्स बनाती है। Parle का सबसे प्रसिद्ध प्रोडक्ट है Parle-G, जो दुनिया का सबसे ज्यादा बिकने वाला बिस्किट माना जाता है। --- 📜 इतिहास – शुरुआत से सफलता तक Parle की स्थापना 1929 में मुंबई के विले पार्ले इलाके में हुई थी। इसके संस्थापक थे मोहनलाल दयाल चौहान। उस समय भारत में ज्यादातर बिस्किट विदेशी कंपनियों के होते थे, और आम लोगों के लिए महंगे थे। 1939 में Parle ने अपना पहला ग्लूकोज बिस्किट लॉन्च किया, जिसे बाद में Parle-G नाम दिया गया। धीरे-धीरे यह बिस्किट हर घर में पहुंच गया और लोगों का भरोसा जीत लिया। ---...

अमेरिका में भारतीय कंपनी Reliance का बड़ा निवेश, 50 साल बाद बनेगी नई ऑयल रिफाइनरी

  अमेरिका में भारतीय कंपनी Reliance का बड़ा निवेश, 50 साल बाद बनेगी नई ऑयल रिफाइनरी

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बार नई बड़ी ऑयल रिफाइनरी बनने जा रही है, जिसमें भारत की दिग्गज कंपनी Reliance Industries निवेश करेगी। यह घोषणा अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने की है। �

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रिपोर्ट्स के मुताबिक यह रिफाइनरी टेक्सास के ब्राउनस्विल (Brownsville) में बनाई जाएगी। इस प्रोजेक्ट को America First Refining नाम की कंपनी विकसित करेगी और इसमें Reliance महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। �

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बताया जा रहा है कि यह प्रोजेक्ट करीब 300 अरब डॉलर के आर्थिक प्रभाव वाला ऐतिहासिक सौदा हो सकता है और इसे अमेरिका की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने वाला कदम माना जा रहा है। �

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इस नई रिफाइनरी की क्षमता लगभग 1.6 लाख बैरल तेल प्रतिदिन प्रोसेस करने की होगी और यह मुख्य रूप से अमेरिकी शेल ऑयल को प्रोसेस करेगी। �

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अमेरिकी सरकार का कहना है कि इस प्रोजेक्ट से हजारों नई नौकरियां पैदा होंगी और ऊर्जा उत्पादन बढ़ेगा। साथ ही यह प्रोजेक्ट अमेरिका के तेल और गैस सेक्टर के लिए एक बड़ा कदम माना जा रहा है। �

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✅ निष्कर्ष:

भारत की Reliance का यह निवेश अमेरिका के ऊर्जा क्षेत्र में बड़ा बदलाव ला सकता है और यह 50 साल में पहली नई बड़ी रिफाइनरी बनने जा रही है।

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